अभ्यास · 7 दिन · रोज़ 15 मिनट · ₹211₹500
7 दिन का शांति अनुष्ठान
शिव जी के साथ सात दिन: शिवलिंग पर धीरे-धीरे चढ़ाया जल, ॐ नमः शिवाय, पाँच मिनट की शांति, और हर दिन एक चीज़ को छोड़ देना।
इस अभ्यास का भावशिवलिंग पर चढ़ाया जल छोड़ देने का भाव है। इस अभ्यास का भाव है वह अर्पित करना जिसे आप बहुत कसकर पकड़े हुए हैं, और कुछ मिनट बिना कुछ साबित किए शांत बैठना।
आपकी प्रगति आपके खाते में सुरक्षित रहती है। नोटबुक की पंक्तियाँ सिर्फ़ इसी फ़ोन पर रहती हैं। कोई दिन छूट जाए तो गिनती फिर से शुरू नहीं होती।
यह 21 दिन के शांति अनुष्ठान का एक हफ़्ते का रूप है: हर दिन पंद्रह मिनट शिव जी के साथ जल, मंत्र और शांत बैठना, और पाँच छोटे काम जो आपकी ज़िंदगी से थोड़ा शोर कम करते हैं। सुबह का पहला घंटा बिना फ़ोन के, एक शांत सैर, एक खाली की हुई दराज़, चुपचाप खाया एक भोजन, और रात को थोड़ा जल्दी सोना।
यह एक साधना है, इलाज नहीं। अगर आप मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं, तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति से या किसी प्रोफ़ेशनल से भी ज़रूर बात करें।
रोज़ की याद, आपके अपने कैलेंडर में
हर दिन एक ही समय पर करना ही इस अभ्यास का सबसे बड़ा हिस्सा है। अपना समय चुनें; याद 7 दिन तक आएगी और आज का कदम खोलेगी।
रोज़ की विधि
लगभग 15 मिनट, हर दिन एक जैसा।
- 1
बैठ जाएँ
आसन पर, हर दिन एक ही समय, सुबह या शाम। फ़ोन साइलेंट पर और हाथ की पहुँच से दूर।
- 2
दीया जलाएँ
एक बत्ती। तीन धीमी साँसें, हर बार साँस छोड़ना साँस लेने से लंबा।
- 3
जल चढ़ाएँ
लोटे से शिवलिंग पर जितनी धीमी धार बन सके, उतनी धीमी धार में लगभग एक मिनट तक जल चढ़ाएँ। सिर्फ़ जल को देखें। तस्वीर हो तो फूल से जल छिड़कें।
- 4
मंत्र
ॐ नमः शिवाय, रुद्राक्ष माला पर 108 बार। धीरे-धीरे; यह धीमापन ही साधना है।
- 5
पाँच मिनट की शांति
माला नीचे रख दें। आँखें बंद करके बैठें, एक से दस तक साँसें गिनें और फिर से शुरू करें। जब मन भटके, फिर एक से शुरू करें।
- 6
एक लाइन लिखें
नोटबुक में: वह एक चीज़ जो आपने आज छोड़ी, या छोड़ेंगे।
दिन-ब-दिन
01शुरुआत
हथेली में जल लेकर संकल्प बोलें और वह जल शिवलिंग पर चढ़ा दें। वह एक बात लिखें जो इस समय आपकी शांति सबसे ज़्यादा छीनती है।
अंतिम दिन का समापन
- अभिषेक. जल, दूध और फिर जल, ॐ नमः शिवाय बोलते हुए धीरे-धीरे चढ़ाएँ।
- बैठें. दस मिनट की शांति।
- आगे. हर दिन पाँच मिनट की शांति जारी रखें, या 21 दिन का शांति अनुष्ठान शुरू करें।
नियम
- रोज़ एक ही समय, सुबह या शाम।
- उन पंद्रह मिनटों में फ़ोन पहुँच से दूर रखें।
- स्फटिक, रत्न और पारद के शिवलिंग पर केवल जल चढ़ता है।
सवाल-जवाब
7 दिन का अनुष्ठान करूँ या 21 दिन का?
सात दिन एक सहज शुरुआत है। 21 दिन का अनुष्ठान और आगे जाता है, बिना समाचार के एक दिन, ज़्यादा देर तक शांत बैठने और माफ़ी के पत्रों के साथ।
क्या यह एंग्ज़ायटी (घबराहट) का इलाज है?
नहीं। यह शांत बैठने की एक भक्ति साधना है। अगर आप मुश्किल में हैं, तो कृपया किसी डॉक्टर या काउंसलर से बात करें।
यह ध्यान और अनुशासन का अभ्यास है। इसमें किसी फल का वादा नहीं किया गया है।